ग्लासगो, 28 जुलाई।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय पैरा एथलेटिक्स दल ने नया इतिहास रच दिया। भारतीय खिलाड़ी शर्मिला ढांकर ने स्थानीय समयानुसार सोमवार को महिलाओं की शॉटपुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा एथलेटिक्स में भारत को पहला स्वर्ण दिलाया। इसके साथ ही वह इस प्रतियोगिता में पैरा एथलेटिक्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी बन गई हैं।
फाइनल मुकाबले में शर्मिला ने 9.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पहला स्थान हासिल किया। एफ57 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है, जिनके निचले अंगों में दिव्यांगता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की शक्ति कम होती है। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय खेल इतिहास में एक और उपलब्धि जोड़ दी।
इसी स्पर्धा में भारत की शिल्पा के. शायला ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। शुरुआती दौर में 7.26 मीटर के थ्रो के साथ वह चौथे स्थान पर थीं, लेकिन नाइजीरिया की यूकारिया इयियाजी का 8.19 मीटर का एकमात्र वैध थ्रो तकनीकी जांच के बाद फाउल घोषित होने से शिल्पा तीसरे स्थान पर पहुंच गईं और उन्हें कांस्य पदक मिला।
यह पहला अवसर है, जब राष्ट्रमंडल खेलों की किसी एक पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में भारत ने एक साथ दो पदक जीते हैं। शर्मिला के ऐतिहासिक स्वर्ण और शिल्पा के कांस्य ने भारतीय दल के लिए इस दिन को यादगार बना दिया।
इन दोनों पदकों के बाद भारत के खाते में कुल 10 पदक हो गए हैं। इनमें दो स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। मौजूदा पदक तालिका में भारत आठवें स्थान पर बना हुआ है।
















