नई दिल्ली, 28 जुलाई।
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। सभी नेताओं ने प्रकृति के संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक बताते हुए लोगों से जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की अपील की।
ओम बिरला ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना भविष्य को सुरक्षित रखने के समान है। उनके अनुसार प्रकृति संरक्षण केवल वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि जंगलों, नदियों, स्वच्छ हवा और प्राकृतिक संसाधनों को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने लोगों से पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहने का आग्रह किया, ताकि एक हरित, स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य का निर्माण किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रकृति देश की धरोहर होने के साथ-साथ सामूहिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने जंगलों, नदियों, वन्यजीवों और जैव विविधता के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास और जिम्मेदारीपूर्ण निर्णय लेने का आह्वान किया। उनका कहना था कि इसी सोच के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रकृति मानव जीवन की मजबूत आधारशिला है और इसकी समृद्धि से ही स्वस्थ एवं खुशहाल समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने, पेड़ लगाने, पानी और बिजली बचाने, नदियों की स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े छोटे-छोटे संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव ला सकते हैं और धरती को सभी जीवों तथा भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित बनाए रख सकते हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि समृद्ध पृथ्वी की शुरुआत जिम्मेदारीपूर्ण निर्णयों से होती है। उन्होंने प्राकृतिक विरासत के संरक्षण और ऐसी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर बल दिया, जो पर्यावरण की सुरक्षा के साथ विकास को भी गति दे सके।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि स्वच्छ जल, हरित वन, समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पर्यावरण ही विकसित तथा आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने भी लोगों से पेड़ लगाने, पर्यावरण को स्वच्छ रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और समृद्ध भविष्य तैयार किया जा सकता है।












