भोपाल, 29 जुलाई।
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए मूंग उपार्जन की सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। अब किसानों से उनकी उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत तक उपार्जन किया जाएगा। इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए मंत्री समूह का गठन किया था। इसी क्रम में 29 जुलाई को मंत्रालय में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में किसानों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के हितों को प्राथमिकता देती रही है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार हैं तथा उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
कृषि मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया था। केंद्र की योजना के तहत राज्य के कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत उपार्जन करने का प्रावधान था। इसी आधार पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 25 प्रतिशत मूंग खरीदी का निर्णय लिया गया था।
किसान प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद अब सरकार ने पात्र किसानों से मूंग उपज का 60 प्रतिशत उपार्जन करने का निर्णय लिया है। यह मात्रा नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ तक होगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जाएगी।
किसानों की सुविधा को देखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग अवधि भी बढ़ा दी है। अब किसान 30 जुलाई की जगह 10 अगस्त तक स्लॉट बुक कर सकेंगे। वहीं उपार्जन की अंतिम तिथि को भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था में आ रही समस्याओं को देखते हुए इसे फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
यह समिति ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का परीक्षण कर सरकार को सुझाव देगी। समिति की अनुशंसाओं के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। तब तक ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगी।

















