गुना, 30 जुलाई।
मध्य प्रदेश के गुना जिले के गुना उत्तर वन परिक्षेत्र की भदौरा सब रेंज स्थित आगरा-हंसली के जंगल में गुरुवार को एक तेंदुए का क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। तेंदुए के शव से सिर और चारों पैर गायब मिले, जबकि मौके पर केवल धड़ मिला।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वन्यजीव तस्करी के उद्देश्य से तेंदुए का शिकार किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जंगल में तेंदुए का शव सबसे पहले ग्रामीणों ने देखा और इसकी जानकारी वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में था। तेंदुए का सिर और चारों पैर गायब थे, वहीं धड़ की खाल भी नहीं थी।
वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों और घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
वन विभाग का कहना है कि तेंदुए के नाखून, दांत और अन्य अंगों की तस्करी के लिए शिकार किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग की गश्त व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह शिकार का मामला है तो क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था और घटना की जानकारी समय पर नहीं मिल पाने के कारणों की जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने वन विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि जांच में शिकार की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

















