रायपुर, 30 जुलाई।
छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर प्रदेश की विभिन्न रेल परियोजनाओं और लंबित योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक, खनिज और कृषि क्षेत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। यहां रेल नेटवर्क का विस्तार केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन और जनजातीय क्षेत्रों के विकास से जुड़ा विषय है।
बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेल लाइन परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से विकसित किया जाएगा। यह रेल लाइन कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी तथा कई ऐसे क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अभी तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री ने रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि करीब 140 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द निर्माण शुरू होने से बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री साय ने सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा और अंबिकापुर-बरवाडीह जैसी महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बैठक में किरंदुल-कोत्तागुडेम और गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे कार्य जल्द पूरा कर आगे की कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाओं को लेकर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में रेलवे विकास को नई गति मिल रही है और नई परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, कृषि परिवहन, पर्यटन और जनजातीय क्षेत्रों की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

















