भोपाल, 30 जुलाई।
मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा है कि विभागीय निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन के निर्देशों की अनदेखी, काम में लापरवाही और मामलों को अनावश्यक लंबित रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वल्लभ भवन में गुरुवार को आयोजित लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंताओं की कॉन्फ्रेंस में मंत्री सिंह ने निर्माण कार्यों, सड़कों की गुणवत्ता, औचक निरीक्षण, बिटुमेन आपूर्ति, वित्तीय प्रक्रिया, प्रशिक्षण व्यवस्था और विभागीय निर्देशों के पालन की समीक्षा की।
मंत्री ने कहा कि जिस क्षेत्र में सड़क खराब मिलेगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। सड़कों के रखरखाव और समय पर मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कार्यपालन यंत्री की होगी। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में लापरवाही मिलने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने औचक निरीक्षण में मिली अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निरीक्षण केवल कमियां खोजने की प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए, बल्कि दोषियों पर समयबद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने लंबित ब्लैकलिस्टिंग मामलों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
राकेश सिंह ने बिटुमेन आपूर्ति से जुड़े सभी भुगतान का शत-प्रतिशत सत्यापन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना जांच के भुगतान पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी और राशि की वसूली भी की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को वर्षा प्रभावित सड़कों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले स्थानों की प्राथमिकता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क श्रेणियों के युक्तियुक्तकरण संबंधी प्रस्ताव 3 अगस्त तक प्रस्तुत करने को कहा।
उन्होंने लोक कल्याण सरोवरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्ष 2026 में प्रदेश में 510 सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनका निर्माण जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और जन उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया जाए।
मंत्री सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने, नई निर्माण तकनीकों को अपनाने और सड़क निर्माण में बैच मिक्स प्लांट के उपयोग के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय दिशा-निर्देश केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

















