ग्वालियर, 30 जुलाई।
ग्वालियर के आईटीएम हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में गुरुवार को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में मॉड्यूलर ओटी कॉम्प्लेक्स, सीटीवीएस आईसीयू और कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए सरकार के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी क्षेत्र मिलकर काम करेंगे तो ग्वालियर में महानगरों जैसी चिकित्सा सुविधाएं विकसित होंगी और मरीजों को उपचार के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।
उन्होंने कहा कि आईटीएम हॉस्पिटल स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहा है। प्रदेश सरकार भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्वालियर में कैंसर उपचार के लिए मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की तर्ज पर विशेष अस्पताल स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए शासन की ओर से जीआर मेडिकल कॉलेज को 80 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्वालियर के जीआर मेडिकल कॉलेज के विकास के लिए एक हजार करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके माध्यम से मेडिकल कॉलेज के नए भवन सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों को एम्स की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत देशभर में 60 करोड़ लोगों को जोड़ा गया है, जबकि मध्य प्रदेश में भी बड़ी संख्या में लोगों को आधुनिक इलाज की सुविधा मिली है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत जरूरी है और सामूहिक प्रयासों से वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।
अस्पताल लोकसेवा का सर्वोत्तम माध्यम : तोमर
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अस्पताल लोकसेवा का सबसे बेहतर माध्यम होते हैं। सेवा भाव और ईमानदारी के साथ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से समाज में सम्मान मिलता है।
उन्होंने आईटीएम समूह के संस्थापक रमाशंकर सिंह की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने शिक्षा के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना भी होना चाहिए।
कार्यक्रम में आईटीएम यूनिवर्सिटी की कुलाधिपति रुचि सिंह, कुलगुरु प्रो. योगेश उपाध्याय और डॉ. मनीष अग्रवाल मौजूद रहे। स्वागत उद्बोधन आईटीएम के चांसलर डॉ. दौलत सिंह चौहान ने दिया।
डॉ. चौहान ने बताया कि आईटीएम हॉस्पिटल में चार नए आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, सीटीवीएस आईसीयू और सीसीयू सुविधाओं की शुरुआत की गई है। अब यहां अत्याधुनिक अस्पतालों की तर्ज पर जटिल सर्जरी की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में आईटीएम हॉस्पिटल में करीब ढाई लाख नि:शुल्क ओपीडी, 72 हजार से अधिक ऑपरेशन और लगभग 10 हजार नेत्र ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
कार्यक्रम में अतिथियों ने पट्टिका का अनावरण और फीता काटकर नई सुविधाओं का शुभारंभ किया। अंत में वाइस चांसलर डॉ. योगेश उपाध्याय ने आभार व्यक्त किया।

















