दमोह, 30 जुलाई।
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में सागर लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए रोजगार सहायक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। जबेरा जनपद की परासई ग्राम पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
आरोप है कि रोजगार सहायक ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त जारी कराने और जियो टैगिंग की प्रक्रिया पूरी करने के बदले रिश्वत मांगी थी।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, परासई माल निवासी संजू रैकवार ने शिकायत की थी कि उनका प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ है। योजना की दो किस्तें उन्हें मिल चुकी थीं, लेकिन तीसरी किस्त जारी होना बाकी थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि रोजगार सहायक ने योजना की किस्तों से जुड़े काम पूरे कराने के लिए कुल 30 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि वह पहले ही 22 हजार रुपये दे चुका था और शेष 8 हजार रुपये देने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था।
रिश्वत देने के इच्छुक नहीं होने पर संजू रैकवार ने 13 जुलाई को सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई की योजना बनाई।
लोकायुक्त डीएसपी कमल सिंह उइके के निर्देशन में गठित टीम ने गुरुवार को परासई पंचायत कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी को 8 हजार रुपये दिए, टीम ने उसे पकड़ लिया।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

















