गोरखपुर, 30 जुलाई।
जिला अस्पताल परिसर से लापता हुई 10 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया है। गुरुवार सुबह बच्ची का शव चिउटहा पुल के नीचे मिलने के बाद मामले में हत्या की धाराएं बढ़ा दी गई हैं।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में जिला अस्पताल परिसर से गायब हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक युवक बच्ची को बाइक पर ले जाता दिखाई दिया।
फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवक की पहचान गोरखपुर में तैनात सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। हालांकि आरोपित खुद को निर्दोष बता रहा है, लेकिन पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इसी बीच गुरुवार सुबह चिउटहा पुल के नीचे बच्ची का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पुलिस ने प्रकरण में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ दरिंदगी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रथम दृष्टया सामने आया है कि बच्ची का अपहरण दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया था। आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस इस जघन्य अपराध के हर पहलू की गहन जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की धाराओं और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और क्षेत्र में आरोपित को कड़ी सजा देने की मांग की जा रही है।

















