नई दिल्ली, 30 जुलाई।
भारत के हथकरघा क्षेत्र को डिजिटल तकनीकों से मजबूत करने के उद्देश्य से तीन अगस्त को आईआईटी दिल्ली में हथकरघा प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह इसका उद्घाटन करेंगे।
वस्त्र मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार के 11.99 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार यह केंद्र राष्ट्रीय ज्ञान और नवाचार हब के रूप में काम करेगा। इसका उद्देश्य भारत की पारंपरिक हथकरघा विरासत को आधुनिक अनुसंधान, एआई और डिजिटल तकनीकों से जोड़ना है।
यह केंद्र शिक्षाविदों, उद्योग जगत, डिजाइनरों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा। अगले पांच वर्षों में यहां हथकरघा ज्ञान का राष्ट्रीय डिजिटल भंडार विकसित किया जाएगा।
केंद्र की ओर से एआई आधारित उपकरण और बेहतर करघा तकनीक तैयार की जाएंगी। इसके अलावा पेटेंट, अनुसंधान और स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जाएगा। देशभर के बुनकरों और पेशेवरों को आधुनिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हथकरघा क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए पांच प्रमुख पहलों की शुरुआत भी की जाएगी।
इनमें पहली पहल हैंडलूम 4.0 है, जो प्रत्येक करघे के लिए डिजिटल साथी के रूप में काम करेगी और बुनकरों को उत्पादकता व स्थिरता मापने में सहायता देगी।
दूसरी पहल हैंडलूम ई-विद्या है, जो बुनकरों और छात्रों के लिए समस्या आधारित डिजिटल शिक्षण एवं ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी।
तीसरी पहल हैंडलूमएक्स है, जो हथकरघा क्षेत्र में नए स्टार्टअप और नवाचारों को बढ़ावा देने वाला एक्सेलेरेटर प्लेटफॉर्म होगा।
चौथी पहल कलागृह हैंडलूम स्टूडियो है, जहां डिजिटल विजुअलाइजेशन और कस्टमाइजेशन के जरिए नई पीढ़ी को हथकरघा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
पांचवीं पहल थ्रेड्स ऑफ वैलोर है, जिसके तहत पुनर्चक्रित रक्षा वस्त्रों को प्रीमियम हथकरघा उत्पादों में बदला जाएगा।
भारत का हथकरघा क्षेत्र वर्तमान में 35 लाख से अधिक बुनकरों और श्रमिकों को रोजगार देता है, जिनमें करीब 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। उत्पादकता, बाजार प्रतिस्पर्धा और तकनीक अपनाने जैसी चुनौतियों से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए आईआईटी दिल्ली में स्थापित यह केंद्र महत्वपूर्ण साबित होगा।
उद्घाटन समारोह में वस्त्र राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, वस्त्र सचिव नीलम शमी राव, विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना समेत वस्त्र मंत्रालय और आईआईटी दिल्ली के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

















