चेन्नई, 30 जुलाई।
तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार पर किसानों की मांगों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) ने तीन अगस्त को विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने बताया कि तमिलनाडु के तंजावुर में सरकार के खिलाफ विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
स्टालिन ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले किसानों के लिए कई वादे किए गए थे। इनमें पांच एकड़ से कम भूमि रखने वाले किसानों के सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋण पूरी तरह माफ करने और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों के ऋण का 50 प्रतिशत माफ करने की बात कही गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद सरकार ने शुरुआत में केवल 50 हजार रुपये तक के फसल ऋण माफ करने की घोषणा की। बाद में किसानों के आंदोलन और दबाव के बाद यह सीमा बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई, लेकिन चुनावी वादों के अनुसार किसानों को अब तक पूरी राहत नहीं मिली है।
स्टालिन ने मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर भी तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है और मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के कई मंत्रियों से मुलाकात कर मंजूरी व वित्तीय सहायता की मांग की है। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को केवल पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली और इसके बाद इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली।
उन्होंने कहा कि कावेरी जल विनियमन समिति के तमिलनाडु के हिस्से का पानी छोड़ने के निर्देश के बावजूद कर्नाटक सरकार ने इसे मानने से इनकार कर दिया है। ऐसे में इस मामले पर तमिलनाडु सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है।
डीएमके अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों और किसान संगठनों की ओर से सर्वदलीय बैठक तथा किसान संगठनों की बैठक बुलाने की मांग के बावजूद सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।
स्टालिन ने कुरुवई फसल के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष 6.5 लाख एकड़ में कुरुवई की खेती हुई थी, जबकि इस वर्ष मेट्टूर बांध नहीं खोले जाने के कारण यह घटकर केवल 1.5 लाख एकड़ रह गई है। इससे करीब 2,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और 14 लाख किसानों की आजीविका प्रभावित हुई है।
उन्होंने मांग की कि प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए, फसल बीमा का प्रीमियम सरकार खुद भरे और सांबा फसल के लिए जरूरी बीज, उर्वरक व कीटनाशक सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाएं।
स्टालिन ने कहा कि इन्हीं मांगों को लेकर और कावेरी अधिकारों की रक्षा में टीवीके सरकार की कार्यप्रणाली के विरोध में तीन अगस्त को सुबह 10 बजे तंजावुर के पनगल भवन के पास डीएमके युवा विंग के सचिव और विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।

















