Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव

संपादकीय
30 Jul, 2026

नशे के नए जाल में फंस रही युवा पीढ़ीबुप्रेनॉर्फिन के अवैध कारोबार पर कड़ी चोट जरूरी

भोपाल में बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन के अवैध कारोबार ने युवाओं में बढ़ते नशे के खतरे और सख्त कार्रवाई की जरूरत को उजागर किया है।

भोपाल, 30 जुलाई।

समाज के सामने आज जो सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है, वह नशे का बढ़ता हुआ प्रचलन है। यह खतरा अब सड़कों से उठकर अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों तक पहुंच गया है। भोपाल में हाल के दिनों में जिस तरह बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है, उसने न केवल पुलिस और प्रशासन को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारी युवा पीढ़ी किस दिशा में जा रही है। एक समय था जब नशे का मतलब केवल शराब या गांजा तक सीमित था, लेकिन अब दर्द निवारक और चिकित्सकीय उपयोग में आने वाली दवाओं का इस्तेमाल भी नशे के लिए किया जा रहा है। इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

भोपाल में बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन 100 से 150 रुपये में आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। यह वही इंजेक्शन है, जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन के बाद मरीजों को तेज दर्द से राहत देने के लिए किया जाता है। लेकिन नशे के आदी लोग इसे शरीर में लगाकर कृत्रिम नशे की अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं और इसका असर कई दिनों तक बना रहता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह कारोबार अब केवल कुछ इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में फैल चुका है। इसमें युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। स्कूल-कॉलेज के छात्र, बेरोजगार युवा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग तेजी से इस जाल में फंसते जा रहे हैं।

इस कारोबार की जड़ में दो बातें स्पष्ट दिखाई देती हैं। पहली, दवाओं की अवैध बिक्री और दूसरी, सामाजिक तथा आर्थिक तनाव के कारण युवाओं का नशे की ओर बढ़ता झुकाव। जो दवाएं जीवन बचाने के लिए बनाई गई थीं, वे अब जीवन बर्बाद करने का माध्यम बनती जा रही हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों से भी लोग यहां आकर यह इंजेक्शन खरीदते हैं और फिर उसे आगे बेचते हैं। एक इंजेक्शन की कीमत भले ही 100 रुपये हो, लेकिन नशे के बाजार में इसकी कीमत कई गुना बढ़ जाती है। यही भारी मुनाफा इस अवैध कारोबार को लगातार बढ़ावा दे रहा है।

सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी इस मामले में और बढ़ जाती है, क्योंकि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का भी प्रश्न है। अस्पतालों में मरीजों के लिए जरूरी दवा यदि नशे के बाजार तक पहुंच रही है, तो इसका अर्थ है कि दवा वितरण प्रणाली में कहीं न कहीं गंभीर सेंध लगी हुई है। मेडिकल स्टोरों की नियमित और सख्त जांच होनी चाहिए। उन चिकित्सकों पर भी नजर रखी जानी चाहिए, जो बिना आवश्यकता ऐसी दवाएं लिख रहे हैं। साथ ही सीमाओं पर निगरानी बढ़ाकर अवैध आपूर्ति की श्रृंखला को भी तोड़ना होगा।

लेकिन केवल पुलिसिया कार्रवाई से इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। जब तक समाज और परिवार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तब तक युवा नशे के चंगुल से बाहर नहीं आ पाएंगे। आज माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी तथा बढ़ते मानसिक तनाव के कारण कई युवा बाहर सहारा तलाशते हैं और गलत संगति में पड़कर नशे की गिरफ्त में चले जाते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर नियमित जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और कौशल विकास के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देनी होगी, ताकि उनका समय रचनात्मक कार्यों में लगे और वे नशे की ओर आकर्षित न हों।

चिकित्सकीय दृष्टि से भी यह स्थिति अत्यंत गंभीर है। बुप्रेनॉर्फिन का लंबे समय तक दुरुपयोग लीवर, किडनी और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है। कई मामलों में ओवरडोज के कारण मौत तक हो जाती है और समय पर इलाज न मिलने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को नशामुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ वहां मुफ्त, गोपनीय और प्रभावी उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि जो युवा इस लत से बाहर निकलना चाहते हैं, उन्हें उचित सहायता मिल सके।

समाज के रूप में हमें यह समझना होगा कि नशा केवल उस व्यक्ति की समस्या नहीं है, जो इसका सेवन कर रहा है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज की समस्या है। एक व्यक्ति की लत पूरे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करती है तथा अपराधों को भी बढ़ावा देती है। इसलिए इस लड़ाई को केवल सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। हर नागरिक, हर परिवार और हर संस्था को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। भोपाल में बुप्रेनॉर्फिन के अवैध कारोबार का खुलासा एक गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। प्रशासन को इस पूरे नेटवर्क की हर कड़ी को तोड़ते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी होगी, वहीं समाज को भी अपने बच्चों पर सतर्क नजर रखकर उन्हें सही दिशा देनी होगी। तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ी को नशे के अंधकार से बचाकर एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकेंगे।

|
आज का राशिफल

अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। पठन पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। किसी से वाद-विवाद अथवा कहासुनी होने का भय रहेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। जल्दबाजी में कोई भूल संभव है। आय-व्यय समान्य रहेगा। शुभांक-5-7-9

आज का मौसम

भोपाल

24° / 29°

Heavy thunderstorm

ट्रेंडिंग न्यूज़