चंडीगढ़, 31 जुलाई।
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने पंजाब के युवक गुरप्रीत सिंह को कथित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध मामले में वांछित घोषित किया है। इससे पहले फरवरी 2025 में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अमृतपाल सिंह को भी वांछित सूची में शामिल किया गया था।
एफबीआई के अनुसार गुरप्रीत सिंह पर बिना लाइसेंस हथियारों के कारोबार, मादक पदार्थों की तस्करी की साजिश और नशीले पदार्थों के वितरण में शामिल होने के आरोप हैं। एजेंसी का दावा है कि वह एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन से जुड़ा हुआ था।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि पंजाब से जुड़े जग्गू भगवानपुरिया गिरोह की गतिविधियां अमेरिका के कैलिफोर्निया सहित कई क्षेत्रों तक फैली हुई थीं।
अमेरिका के कैलिफोर्निया सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्थित लॉस एंजिलिस जिला अदालत ने 25 जून को गुरप्रीत सिंह के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर मादक पदार्थ रखने, वितरण की साजिश और नशीले पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
इससे पहले एफबीआई ने अमृतपाल सिंह की तस्वीर भी वांछित व्यक्ति के रूप में जारी की थी। हालांकि, अमृतपाल के परिवार का कहना था कि वह कनाडा से लौटने के बाद जालंधर जिले के मोवाई गांव में रह रहा था और 19 फरवरी 2025 को खेत से लौटते समय सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी।
जून में अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ एक बड़े अभियान की जानकारी दी थी। इस कार्रवाई में जेल में बंद पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया सहित 37 आरोपियों के नाम सामने आए थे।
इस अभियान को ऑपरेशन हार्ड बॉल नाम दिया गया था। अमेरिकी एजेंसी की ओर से अब गुरप्रीत सिंह को लेकर जारी जानकारी के बाद मामले की चर्चा फिर तेज हो गई है।

















