नई दिल्ली, 1 अगस्त।
दिल्ली पुलिस की रेलवे यूनिट की स्पेशल स्टाफ टीम और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय कोकीन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो नाइजीरियन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 2.288 किलोग्राम कोकीन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह मुंबई से दिल्ली-एनसीआर तक मादक पदार्थों की सप्लाई करता था। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे यूनिट के पुलिस उपायुक्त बी भारत रेड्डी ने बताया कि यह कार्रवाई नशा मुक्त दिल्ली अभियान के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान की गई। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पुलिस के मुताबिक 31 जुलाई को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर गश्त के दौरान दो नाइजीरियन महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में सामान के साथ घूमती मिलीं। उनकी गतिविधियों पर संदेह होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक महिला के सामान से 11 पैकेट बरामद हुए, जिनकी जांच में कोकीन होने की पुष्टि हुई। इसके बाद एफएसएल और क्राइम टीम की जांच के बाद दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान चिकान्सो जेम्स (43) और हैप्पीनेस ओकोये (41) के रूप में हुई है। दोनों नाइजीरिया की नागरिक हैं। जांच के लिए पुलिस ने उनके पासपोर्ट भी जब्त कर लिए हैं, ताकि भारत में उनकी गतिविधियों और यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा सके।
पूछताछ में मुख्य आरोपी चिकान्सो जेम्स ने बताया कि बरामद कोकीन उसे विकासपुरी क्षेत्र से मिली थी। इसके आधार पर पुलिस अब सप्लायर की पहचान करने के साथ दिल्ली, मुंबई और अन्य राज्यों में फैले पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन, वित्तीय लेन-देन और अन्य सहयोगियों की जांच कर रही है।
पुलिस ने दोनों आरोपितों को अदालत में पेश किया। अदालत ने मुख्य आरोपी चिकान्सो जेम्स को पुलिस रिमांड पर भेजा है, ताकि ड्रग्स नेटवर्क के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। वहीं सह-आरोपी हैप्पीनेस ओकोये को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि यह गिरोह मुंबई से दिल्ली-एनसीआर तक कोकीन की सप्लाई करता था और रेलवे नेटवर्क का उपयोग मादक पदार्थों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले कितनी खेप राजधानी तक पहुंचाई गई और किन लोगों तक इसकी आपूर्ति की गई।
रेलवे यूनिट की स्पेशल स्टाफ टीम लंबे समय से रेलवे मार्ग से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर निगरानी रख रही थी। इसी अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों पर विशेष चेकिंग की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।






















