ग्लासगो, 01 अगस्त।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पैरा स्पर्धाओं में भारत ने अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अभियान का समापन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल सात पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण पदक, दो रजत पदक और दो कांस्य पदक शामिल रहे।
भारत को सबसे बड़ी सफलता पैरा एथलेटिक्स में मिली, जहां खिलाड़ियों ने छह पदक हासिल किए। इनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में 20 वर्ष बाद पैरा एथलेटिक्स में पदक जीतने का इंतजार भी समाप्त कर दिया। वहीं पैरा पावरलिफ्टिंग में भारतीय दल ने एक कांस्य पदक अपने नाम किया।
इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने तीन स्पर्धाओं में ऐतिहासिक डबल पोडियम भी दर्ज किए। इनमें महिलाओं की शॉटपुट एफ57, पुरुषों की शॉटपुट एफ57 और पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धाएं शामिल रहीं, जहां दो-दो भारतीय खिलाड़ियों ने एक साथ पदक जीतने में सफलता हासिल की।
इस अभियान के दौरान भारत के खिलाड़ियों ने एक गेम्स रिकॉर्ड और एक एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किया, जो देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुई।
खिलाड़ियों की तैयारी में भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों की भी अहम भूमिका रही। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले पैरा पावरलिफ्टिंग टीम का प्रशिक्षण शिविर साई गांधीनगर में आयोजित किया गया था, जबकि पैरा एथलेटिक्स टीम ने साई बेंगलुरु में अभ्यास किया था।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पैरा स्पर्धाओं में भारत का यह प्रदर्शन देश में पैरा खेलों के लगातार बढ़ते स्तर और अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत होती उसकी मौजूदगी का प्रमाण माना जा रहा है।






















