भोपाल, 01 अगस्त।
नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने भोपाल और विदिशा के दो आरोपितों को पिट एनडीपीएस अधिनियम, 1988 के तहत छह-छह माह के लिए केंद्रीय जेल, इंदौर में निरुद्ध रखने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
संभागायुक्त कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, विदिशा जिले के गंजबासौदा निवासी दीपक रघुवंशी और भोपाल के बागसेवनिया निवासी शैलू उर्फ शैलेष कंवर के विरुद्ध संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से निरोधात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव भेजे गए थे। प्रस्तावों का परीक्षण करने के बाद अधिनियम की धारा 3(1) के तहत दोनों आरोपितों को छह-छह माह के लिए केंद्रीय जेल, इंदौर में निरुद्ध रखने के आदेश पारित किए गए।
दीपक रघुवंशी के खिलाफ प्रस्ताव जिला दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक, विदिशा की ओर से भेजा गया था। वहीं शैलू उर्फ शैलेष कंवर के मामले में पुलिस आयुक्त, नगरीय पुलिस भोपाल ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों की समीक्षा के बाद दोनों मामलों में निरोधात्मक कार्रवाई को आवश्यक माना गया।
कर्मवीर शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर लगातार निगरानी रखी जाए और ऐसे मामलों में समयबद्ध तरीके से निरोधात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
प्रशासन के अनुसार, नशा तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों की पहचान कर कानून के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि नशे के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।






















