उदयपुर, 01 अगस्त।
उदयपुर जिले के वल्लभनगर थाना क्षेत्र के मुंडोल गांव में शुक्रवार देर रात घर में घुसकर मां-बेटी की हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। गोटीपा पंचायत के मुंडोल गांव स्थित घर में 70 वर्षीय लूंगा और उनकी 47 वर्षीय बेटी अमरीबाई गाडरी के शव खून से लथपथ मिले। प्रारंभिक जांच में लूट के इरादे से वारदात किए जाने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि घर से नकदी और सोने-चांदी के गहने भी गायब मिले हैं।
वल्लभनगर थाना प्रभारी पूनाराम गुर्जर ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घर के भीतर दोनों महिलाओं के शव पड़े मिले और उनके गले पर किसी भारी एवं धारदार हथियार से किए गए वार के निशान पाए गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार लूंगा और अमरीबाई गाडरी घर में अकेली रहती थीं। गांव में अमरीबाई के दो जेठ और उनका परिवार निवास करता है। परिजनों का कहना है कि दोनों महिलाओं के गले और हाथों में पहने सोने-चांदी के गहने गायब हैं। घर में रखी नकदी और अन्य आभूषण भी नहीं मिले हैं।
परिजनों के अनुसार अमरीबाई के पति का करीब सात वर्ष पहले निधन हो चुका था। वह अपनी बुजुर्ग मां के साथ रहकर खेती करती थीं और उनकी कोई संतान नहीं थी। वहीं लूंगा के पति का भी कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था। मां-बेटी गांव में एक-दूसरे का सहारा बनकर रह रही थीं।
दोहरे हत्याकांड की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल और बाद में वल्लभनगर अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर पहुंच गए। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या का जल्द खुलासा करने तथा आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि दोषियों की गिरफ्तारी तक दोनों शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
वल्लभनगर के विधायक उदयलाल डांगी ने घटना को दुखद बताते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल मिलने की कामना भी की।






















