कोरबा, 01 अगस्त।
करीब दो वर्ष पुराने चर्चित विकास अग्रवाल हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपित वैभव भारती को उरगा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक दिन पहले सह-आरोपित जितेंद्र मसीह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित को भी दबोच लिया। दोनों आरोपितों पर जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद वैभव भारती को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जिला पुलिस के "सजग कोरबा, सतर्क कोरबा" अभियान के तहत गंभीर और लंबित मामलों में फरार आरोपितों की तलाश लगातार की जा रही है। इसी अभियान के दौरान थाना उरगा पुलिस ने अपराध क्रमांक 248/2024 के मुख्य आरोपित वैभव भारती को शनिवार को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पुलिस जांच में सामने आया कि विकास अग्रवाल और वैभव भारती के बीच लंबे समय से विवाद और आपसी रंजिश थी। आरोपित को संदेह था कि विकास अग्रवाल उसकी बहन पर गलत नजर रखता है। इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार 16 फरवरी 2024 को एक शादी समारोह के दौरान दोनों आरोपितों ने पहले विकास अग्रवाल को अधिक मात्रा में शराब पिलाई। इसके बाद दुकान से चूहे मारने की जहरीली दवा लाकर शराब में मिलाई गई और डिस्पोजेबल गिलास के माध्यम से उसे पिला दिया गया। कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
घटना के बाद दोनों आरोपित फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उरगा पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिरों से मिली सूचना और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर पहले 31 जुलाई को जितेंद्र मसीह को गिरफ्तार किया। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपित वैभव भारती को भी पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी पुलिस को दी है।
कोरबा पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच, वैज्ञानिक विवेचना, मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के जरिए फरार आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।






















