भीलवाड़ा, 1 अगस्त।
भीलवाड़ा जिले के चर्चित फाइनेंसर शोभालाल जैन हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी और मृतक का मुनीम अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार करोड़ों की संपत्ति और 70 लाख रुपये नकद हड़पने के लालच में हत्या की साजिश रची गई और वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को हाथ-पैर बांधकर गहरे कुएं में फेंक दिया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने बताया कि मामले में आरोपी नारायण लाल को उदयपुर से गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि उसकी और फरार रोशन गुर्जर की नजर शोभालाल जैन की संपत्ति और उनके पास रखी करीब 70 लाख रुपये की नकदी पर थी। इसी लालच में दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार साजिश पहले से तैयार की गई थी। रोशन गुर्जर को इस बात की जानकारी थी कि शोभालाल जैन के पास बड़ी मात्रा में नकदी रहती है। इसी आधार पर उसने अपने दोस्त नारायण लाल को साथ लिया। पुलिस का कहना है कि 16 जुलाई को सांवरियाजी यात्रा के दौरान भी वारदात की कोशिश की गई थी, लेकिन उस समय शोभालाल जैन के साथ उनके भाई मदनलाल जैन होने के कारण योजना सफल नहीं हो सकी।
पुलिस के मुताबिक 18 जुलाई को सिरियारी से लौटते समय सुनसान स्थान पर कार के भीतर वारदात को अंजाम दिया गया। आरोप है कि नारायण लाल ने पीछे से शोभालाल जैन के दोनों हाथ पकड़ लिए, जबकि रोशन गुर्जर ने उनका मुंह दबाकर गला घोंट दिया। मौत की पुष्टि होने के बाद उनके मुंह पर टेप चिपका दिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपित पहले से शव को ठिकाने लगाने की तैयारी कर चुके थे। पुलिस के अनुसार घटनास्थल के पास पड़े बिजली के पोल को शव के पैरों से बांधा गया, ताकि वह पानी में डूबा रहे। इसके बाद हाथ-पैर बांधकर शव को मदनपुरा स्थित गहरे कुएं में फेंक दिया गया। वारदात के बाद दोनों आरोपी 70 लाख रुपये लेकर फरार हो गए।
इस मामले का खुलासा 26 जुलाई को हुआ, जब मदनपुरा के एक कुएं में शव होने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य टीमों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद शव बाहर निकाला। मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और मुंह पर कपड़ा बंधा मिला। पहचान होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विशेष जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों, साइबर इनपुट और अन्य जांच के आधार पर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नारायण लाल को उदयपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान उसने भागने की कोशिश की, लेकिन सीढ़ियों से गिरने के कारण उसके दाहिने पैर में चोट लग गई। प्राथमिक उपचार के बाद उससे पूछताछ की जा रही है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि रोशन गुर्जर ने हत्या में सहयोग करने के बदले नारायण लाल को 10 लाख रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस का मानना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार रोशन गुर्जर की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।






















