देहरादून, 01 अगस्त।
एम्स ऋषिकेश के आवासीय परिसर में हुई लाखों रुपये की चोरी का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए आंध्र प्रदेश के एक अंतर्राज्यीय चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, फर्जी आधार कार्ड और चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र सिंह डोबाल ने शनिवार को बताया कि 20 जुलाई को एम्स ऋषिकेश के आवासीय परिसर में रहने वाले रविंद्र तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और 60 हजार रुपये नकद चोरी होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद कोतवाली ऋषिकेश में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। 31 जुलाई की रात सूचना के आधार पर पुलिस ने काली माता मंदिर, सात मोड़, देहरादून रोड ऋषिकेश के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया। उसकी पहचान आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी मंडलपु शिवा अंजनेयुलू (43) के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल परिसरों में घूमता था और बंद मकानों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। उसने एम्स ऋषिकेश के अलावा गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल परिसर में भी चोरी करने की बात स्वीकार की है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग नामों वाले फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करता था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वह होटल और धर्मशालाओं में ठहरता था। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और गुंटूर में चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने के हार, मंगलसूत्र, अंगूठियां, चेन, कंगन, पायल, बिछुए सहित बड़ी मात्रा में आभूषण बरामद किए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ ऋषिकेश और राजकोट में चोरी के मामले दर्ज हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अन्य राज्यों में उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटाई जा रही है।






















