सुवा, 03 अगस्त।
फिजी की राजधानी सुवा में भारतीय उच्चायोग और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के संयुक्त तत्वावधान में यूनिवर्सिटी ऑफ़ द साउथ पैसिफिक में ‘भजन जैमिंग 2026’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गायक, संगीतकार, छात्र, भारतीय मूल के लोग और स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आयोजन के माध्यम से भारतीय भक्ति संगीत की ऐसी सांस्कृतिक शक्ति को सामने लाया गया, जिसने विभिन्न समुदायों और संस्कृतियों के बीच संवाद और जुड़ाव को मजबूत किया। स्थानीय कलाकारों और सामुदायिक समूहों की प्रस्तुतियों ने भारत और फिजी के लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों को भी रेखांकित किया। भारतीय मूल के लोगों के योगदान को फिजी की बहुसांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने कहा कि भक्ति संगीत भाषा और भौगोलिक सीमाओं से परे लोगों को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन साझा परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ भारत और फिजी के लोगों के बीच आपसी समझ और निकटता को भी मजबूत करते हैं।
इस आयोजन में यूनिवर्सिटी ऑफ़ द साउथ पैसिफिक के छात्रों और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। उनकी सक्रिय उपस्थिति भारतीय संस्कृति, संगीत और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है। साथ ही यह दोनों देशों के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी मजबूती देने का संकेत माना गया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी कलाकारों को उनके योगदान के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। भारतीय उच्चायोग ने कलाकारों, स्वयंसेवकों, यूनिवर्सिटी ऑफ़ द साउथ पैसिफिक तथा समुदाय के सभी सदस्यों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनकी भागीदारी से पहला ‘भजन जैमिंग’ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह आयोजन प्रशांत क्षेत्र में भारत के सांस्कृतिक कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है। इसके तहत भारतीय उच्चायोग और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय कला, संगीत, योग, भाषा और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दे रहे हैं।
















