जम्मू, 05 अगस्त।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने की सातवीं बरसी के अवसर पर पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा से जुड़े आने और लौटने वाले जत्थों की आवाजाही एक दिन के लिए रोक दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार जम्मू से बालटाल बेस कैंप के लिए किसी भी नए जत्थे को रवाना होने की अनुमति नहीं दी गई। इसी तरह बालटाल से जम्मू लौटने वाले यात्रियों की आवाजाही भी फिलहाल स्थगित रखी गई है। हालांकि जो श्रद्धालु पहले ही बालटाल पहुंच चुके थे, उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन करने की अनुमति दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा नियंत्रित ढंग से जारी है और यह रोक केवल एहतियाती कदम के रूप में लागू की गई है।
घाटी में पुलिस ने पूर्व अनुमति के बिना किसी भी विरोध प्रदर्शन, रैली, जुलूस या सार्वजनिक सभा के आयोजन पर रोक लगा दी है। श्रीनगर, बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गांदरबल, बडगाम, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग में सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बिना किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं होगी।
जम्मू क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाया गया है। खुफिया एजेंसियों ने अनुच्छेद 370 की बरसी, अमरनाथ यात्रा और आगामी स्वतंत्रता दिवस को ध्यान में रखते हुए संभावित आतंकी हमलों की चेतावनी दी है। अधिकारियों के मुताबिक संवेदनशील स्थानों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है।
प्रशासन का कहना है कि सभी एहतियाती कदम विशेष खुफिया सूचनाओं के आधार पर उठाए गए हैं। हंदवाड़ा और सोपोर पुलिस ने भी बिना पूर्व अनुमति किसी भी विरोध प्रदर्शन की इजाजत नहीं देने की घोषणा की है।
पुलवामा और शोपियां पुलिस ने लोगों से कानून लागू करने वाली एजेंसियों का सहयोग करने, शांति बनाए रखने, अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं से बचने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। बांदीपोरा पुलिस ने भी पूरे जिले में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने की जानकारी दी है।














