मुंबई, 05 अगस्त।
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद बड़ा निर्णय लेते हुए इस बार भी रेपो रेट को स्थिर बनाए रखा है। केंद्रीय बैंक के इस कदम से आम जनता के कर्ज की ईएमआई में कोई फेरबदल नहीं होगा और पुरानी दरें ही लागू रहेंगी।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति की इस बैठक में नीतिगत ब्याज दर को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। इसके साथ ही समिति ने अपने रुख को तटस्थ बनाए रखने का प्रावधान भी तय किया है।
गवर्नर ने देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि मजबूत घरेलू मांग के दम पर भारत दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। हालांकि पश्चिम एशिया के मौजूदा घटनाक्रम वैश्विक व्यापार मार्गों के लिए बाधा बने हुए हैं।
केंद्रीय बैंक ने देश की आर्थिक सेहत के नए आंकड़े जारी करते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा महंगाई दर के अनुमान को घटाकर पांच फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही बेहतर प्रदर्शन के आधार पर जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया है।
आरबीआई इससे पहले भी इस वित्त वर्ष में ब्याज दरों को लेकर संतुलन बनाए हुए है। फरवरी 2025 से अब तक कुल 125 फीसदी की कटौती के बाद से नीतिगत दरें इसी स्तर पर टिकी हुई हैं।














