चेन्नई, 05 अगस्त।
तमिलगा वेत्रि कषगम सरकार ने बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया। सुबह 10 बजे शुरू हुए बजट सत्र में वित्त विभाग का कार्यभार संभाल रहे मंत्री मरिया विल्सन ने बजट प्रस्तुत करते हुए शिक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में सुपर क्लीन–सुपर कैंपस योजना शुरू की जाएगी। पहले चरण में करीब 10 हजार स्कूलों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 139 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। योजना के तहत स्कूलों के शौचालय, कक्षाएं और अन्य परिसर स्वच्छ तथा स्वास्थ्यकर बनाए जाएंगे।
बजट में पेरुंथलैवर कामराजर विशेष विद्यालय योजना के अंतर्गत स्कूलों के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्कूली पाठ्यक्रम के पुनर्गठन के लिए 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा 3,714 स्कूलों के आधुनिकीकरण पर 2,132 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्कूलों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान के लिए 7 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए हैं।
मरिया विल्सन ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए लगातार सुधार कर रही है। लोक निर्माण विभाग की टेंडर प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। भवन निर्माण अनुमति की पुरानी व्यवस्था में संशोधन कर प्रक्रिया में मौजूद भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि जनता के कर का एक भी पैसा न तो सरकार गलत तरीके से खर्च करेगी और न किसी को ऐसा करने देगी। साथ ही अब तक अनियमितता करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सरकार राज्य के राजस्व स्रोत बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। बजट भाषण की शुरुआत तमिलगा वेत्रि कषगम के वैचारिक नेताओं को श्रद्धांजलि देने और अन्ना तथा एमजीआर का उल्लेख करते हुए की गई। बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री विजय भी विधानसभा पहुंचे।














