नई दिल्ली, 06 अगस्त।
सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े मामले पर गुरुवार को एक बार फिर सुनवाई होनी है। इससे पहले हुई सुनवाई में ठाकरे गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा था। इसी कारण महाराष्ट्र की राजनीतिक गतिविधियां इस मामले पर केंद्रित हो गई हैं। इस बीच संजय राउत ने दावा किया है कि अंतिम फैसला ठाकरे गुट के पक्ष में आएगा।
संजय राउत ने कहा कि पिछली सुनवाई के बाद शिंदे गुट में हलचल बढ़ गई है। उनका कहना है कि अब शिंदे गुट के सामने भाजपा में विलय का विकल्प ही बचा है। उन्होंने सुनवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि अदालत की कार्यवाही के दौरान यह बात भी रिकॉर्ड पर आई कि उनके पीछे एक 'सुपरपावर' मौजूद थी। राउत का दावा है कि अब वही गुट जल्द उसी ताकत के साथ जुड़ जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार विरोधी खेमे में लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर चल रहा है। राउत ने दावा किया कि पार्टी के भाजपा में विलय को लेकर बातचीत हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में एक छोटी पार्टी का भी विलय कराया गया था और उसी तरह की प्रक्रिया यहां भी आगे बढ़ सकती है। उनके अनुसार शिंदे गुट के नेता जल्द दिल्ली पहुंचेंगे और इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ चर्चा करेंगे।
राउत ने यह भी कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग के फैसले को गलत मानते हुए उसे पलट देता है, तो यह केवल ठाकरे गुट की नहीं बल्कि महाराष्ट्र की जनता और देश के लोकतंत्र की भी बड़ी जीत होगी।















