कोलकाता, 14 सितंबर।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए 20 लोकसभा सांसदों में से 17 के अगले महीने भाजपा में जाने का दावा किया गया है। कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को यह बात कही।
बसुनिया के अनुसार, मुर्शिदाबाद के अबू ताहेर खान, बहरामपुर के यूसुफ पठान और जंगीपुर के खलीलुर रहमान सीधे भाजपा में शामिल नहीं होना चाहते। हालांकि, तीनों सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ बने रहेंगे।
उन्होंने कहा कि बाकी 17 सांसद दुर्गा पूजा से पहले या उसके तुरंत बाद एनसीपीआई छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। बसुनिया ने दावा किया कि उनके खेमे में 17 सांसद हैं, जो किसी दल में विलय के लिए जरूरी दो-तिहाई संख्या यानी 14 सांसदों से अधिक हैं। इसलिए उन पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा।
बसुनिया ने कहा कि तीनों सांसद अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उनके लिए सीधे भाजपा में जाना व्यावहारिक रूप से कठिन है।
2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने राज्य की 42 में से 28 सीटें जीती थीं। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद 20 सांसदों के एनसीपीआई में जाने का दावा किया गया।
इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उन्हें एनसीपीआई के सदस्य के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है। हालांकि, अभी तक कोई मान्यता नहीं मिली है और आधिकारिक रिकॉर्ड में वे तृणमूल कांग्रेस के सांसद ही दर्ज हैं। बसुनिया के दावे ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।















