नई दिल्ली, 24 सितंबर।
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्हें 48 घंटे का समय दिया है। संगठन ने कहा है कि तय अवधि में इस्तीफा नहीं होने पर देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा और दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ के तहत प्रदर्शन किया जाएगा।
दिल्ली में आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई है और नागरिकों के मतदान के अधिकार को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आगे आने और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की।
संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने हाल के चुनावों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर तीन मांगें रखीं। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की है। दूसरी मांग के तहत आगामी चुनावों को तत्काल रोकने और सभी राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले की मतदाता सूचियां बहाल करने की बात कही गई।
रांका ने विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी अब तक की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच के लिए आयोग गठित करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों की सभी फाइलें सुरक्षित रखी जानी चाहिए और उनकी जांच होनी चाहिए।
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को समाप्त कर नया कानून बनाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि नई व्यवस्था में नागरिक समाज से जुड़े समूहों को भी शामिल किया जाना चाहिए। दिपके ने विपक्षी दलों से भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की।
यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा आपत्तियां उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
















