उज्जैन, 14 सितंबर।
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में दताना-मताना हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का काम तेज किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और यात्रियों के लिए हवाई संपर्क को आसान बनाना है। इसके पूरा होने पर यह मध्य प्रदेश का 10वां एयरपोर्ट होगा।
दताना-मताना हवाई पट्टी का विकास केंद्र सरकार की आरसीएस-उड़ान 5.2 योजना के तहत किया जा रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच समझौता हो चुका है। परियोजना के लिए करीब 120 एकड़ सरकारी जमीन भी प्राधिकरण को हस्तांतरित की जा चुकी है।
वर्तमान में यहां 1800 मीटर रनवे विकसित करने का काम किया जा रहा है। भविष्य में जरूरत के अनुसार इसकी लंबाई बढ़ाने की योजना है। इससे उज्जैन के लिए हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी और यात्रियों का यात्रा समय कम होगा।
सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में एयरपोर्ट को आयोजन की तैयारियों की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
एयरपोर्ट बनने से उज्जैन के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, स्थानीय परिवहन, खान-पान और अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मध्य प्रदेश में हवाई संपर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो के बाद रीवा, दतिया और सतना को जोड़ा गया है। शिवपुरी में एयरपोर्ट विकास की प्रक्रिया जारी है। दताना-मताना के विकसित होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या 10 हो जाएगी।
















