नई दिल्ली, 15 सितंबर।
भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को लेकर बातचीत का चौथा दौर नई दिल्ली में शुरू हो गया है। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ वार्ता आगे बढ़ा रहे हैं।
पांच दिन चलने वाली यह बातचीत 14 सितंबर से शुरू हुई है और 18 सितंबर तक जारी रहेगी। वार्ता में वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार, मूल स्थान के नियम और तकनीकी व्यापार बाधाओं सहित कई अहम विषयों पर चर्चा होगी।
दोनों देशों के बीच व्यापार में वर्ष 2025-26 में 8.22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इस दौरान द्विपक्षीय व्यापार घटकर 7.95 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जो 2024-25 में 8.66 अरब अमेरिकी डॉलर था।
कनाडा को भारत के प्रमुख निर्यात में दवाएं, लोहा और इस्पात, समुद्री उत्पाद, सूती वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन शामिल हैं।
भारत कनाडा से मुख्य रूप से दलहन, मोती और अर्ध-कीमती पत्थर, कोयला, उर्वरक, कागज और कच्चा तेल आयात करता है।
सेवा क्षेत्र में भारत से कनाडा को होने वाले प्रमुख निर्यात में दूरसंचार, कंप्यूटर एवं सूचना सेवाएं तथा अन्य कारोबारी सेवाएं शामिल हैं।
कनाडा में 4.25 लाख से अधिक भारतीय विद्यार्थी रह रहे हैं। इसके अलावा वहां भारतीय मूल के लोगों का एक बड़ा समुदाय भी मौजूद है।
प्रस्तावित समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत का तीसरा दौर जुलाई में ओटावा में हुआ था। अब चौथे दौर की वार्ता नई दिल्ली में आगे बढ़ रही है।
















