भोपाल, 15 सितंबर।
प्रेस सूचना ब्यूरो के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के भ्रमण पर आए जम्मू-कश्मीर के पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल का मध्य प्रदेश प्रेस क्लब ने होटल प्राइड में स्वागत और सम्मान किया। कार्यक्रम में दोनों राज्यों के पत्रकारों के बीच संवाद हुआ और पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए गए।
मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से आए पत्रकारों को मालवा की पारंपरिक पगड़ी पहनाई और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। महासचिव डॉ. शिशिर उपाध्याय, उपाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा और सचिव महेंद्र शर्मा ने स्मृति चिह्न प्रदान किए।
कार्यक्रम में दोनों राज्यों की पत्रकारिता के सामने मौजूद चुनौतियों और बदलते मीडिया परिदृश्य पर चर्चा हुई। लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका के साथ मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों को भी बातचीत में शामिल किया गया।
पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता केवल घटनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं है। समाज की स्मृतियों, सवालों और आकांक्षाओं को सामने रखना भी इसकी जिम्मेदारी है। दोनों राज्यों के बीच भौगोलिक दूरी होने के बावजूद जनसरोकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े कई मुद्दे समान हैं।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पत्रकारिता की परंपरा और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों को करीब से देखने को उपयोगी अनुभव बताया। मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर के पत्रकारों के अनुभवों और वहां के बदलते मीडिया परिदृश्य को समझने में रुचि दिखाई।
प्रतिनिधिमंडल में जाकिर नज़ीर मलिक, बोडराज, डेली सदा-ए-कोहस्तान के प्रधान संपादक सरफराज अहमद, रिफ्यूजी मैसेज के प्रधान संपादक राजीव चूनी, नॉर्थलाइन के प्रधान संपादक आर. एस. गिल, क्रॉसटाउन न्यूज़ के प्रधान संपादक राहिल गुप्ता और द आईएनएस के संपादक सोहिल खान सहित अन्य पत्रकार शामिल रहे।
इसके अलावा ग्रेटर जम्मू के पंकज खजूरिया, नॉर्थ ट्रुथ के प्रधान संपादक केशव चोपड़ा, डेली एक्सेलसियर के विवेक माथुर, जेके न्यूज़ टुडे के दीपांकर गुप्ता, पंजाब केसरी के मोहित शर्मा और मीडिया प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मालवा की पगड़ी और अंगवस्त्र के माध्यम से स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाई दी। स्मृति चिह्नों के आदान-प्रदान के साथ दोनों प्रदेशों के पत्रकार समुदायों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की भावना भी सामने आई।
समारोह के अंत में जम्मू-कश्मीर के पत्रकारों को मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने तथा भविष्य में पत्रकारों के बीच संवाद और आदान-प्रदान के ऐसे कार्यक्रम जारी रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
















