झांसी, 14 सितंबर।
चौहरे हत्याकांड समेत कई संगीन मामलों में संलिप्त कुख्यात गैंगस्टर यशपाल मैरी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत से बड़ा झटका लगा है। न्यायालय ने उसके लंबे आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्زی को सिरे से खारिज कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार हमीरपुर जेल में बंद रहते हुए यशपाल ने अपने भतीजे और अन्य साथियों के साथ मिलकर मुकदमे के वादी के खिलाफ खतरनाक साजिश रची थी। उसने अपनी पुत्री के विवाह और सगाई का झूठा बहाना बनाकर अदालत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आठ दिन की पैरोल हासिल करने का असफल प्रयास किया था।
जांच के दौरान जब पुलिस ने दस्तावेजों और पते की सत्यता की पड़ताल की तो विवाह का पूरा कार्यक्रम और दिया गया पता पूरी तरह फर्जी पाया गया। इसके बाद नवाबाद थाने में नया आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया और विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश कर दिया था।
सोमवार को आरोपी की तरफ से नियमित जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उसके पुराने इतिहास और कारनामों को आधार बनाते हुए राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
















