चंडीगढ़, 15 सितंबर।
वर्षों से अटकी किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार को नई दिल्ली में छह राज्यों के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए परियोजना को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नायब सिंह सैनी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद रहीं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और संबंधित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
सैनी ने बताया कि रेणुका जी, लखवार और किशाऊ परियोजनाओं से हरियाणा को लगभग 1143 एमसीएम पानी का हिस्सा मिलेगा। तीनों परियोजनाओं के पूरा होने पर कुल 2676 क्यूसेक पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसमें से हरियाणा को 1280 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना के पानी में हरियाणा की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत है। नदी में पानी की उपलब्धता बढ़ने से प्रदेश को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि किशाऊ के साथ रेणुका जी और लखवार परियोजनाएं भी हरियाणा के लिए अहम हैं।
रेणुका जी और लखवार परियोजनाओं पर निर्माण कार्य पहले से चल रहा है। किशाऊ परियोजना को लेकर हुए समझौते के बाद अब इसके निर्माण का काम भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
सैनी ने कहा कि पानी प्रदेश के विकास के लिए सबसे जरूरी संसाधनों में शामिल है। आबादी और विकास के विस्तार के साथ भविष्य में पानी की मांग बढ़ेगी। ऐसे में इन परियोजनाओं से बढ़ने वाली जल उपलब्धता हरियाणा की मौजूदा जरूरतों के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।
















