नई दिल्ली, 15 सितंबर।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग ले रहा है। सम्मेलन 12 से 19 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर, लोकसभा सांसद डॉ. डी. पुरंदेश्वरी, विष्णु दत्त शर्मा, सुधीर गुप्ता, कृष्ण प्रसाद तनेती और रचना बनर्जी तथा राज्यसभा के महासचिव पी.सी. मोदी शामिल हैं।
सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के 32 पीठासीन अधिकारी और 18 सचिव भी हिस्सा ले रहे हैं। ये सभी राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सदस्य हैं।
केपटाउन पहुंचने के बाद हरिवंश ने दक्षिण अफ्रीका की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एंजेला थोक्जिले डिडिजा, नेशनल काउंसिल ऑफ प्रोविंसेज की उपाध्यक्ष पुबलान गोवेंडर और नेशनल असेंबली की उपाध्यक्ष एनेली लोटरिएट के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें संसदीय हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संसदीय संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।
लोकसभा सांसद डॉ. डी. पुरंदेश्वरी ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की कार्यकारी समिति की बैठक में हिस्सा लेकर विभिन्न विषयों पर भारत का पक्ष रखा।
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रमंडल देशों की विधानसभाओं से जुड़े समकालीन मुद्दों पर छह प्रमुख कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। हरिवंश महासभा को ‘राष्ट्रमंडल के लिए नए नेतृत्व के अवसर: लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने के लिए संसदीय कार्रवाई’ विषय पर संबोधित करेंगे।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य विभिन्न कार्यशालाओं, पूर्ण सत्रों और महासभा की चर्चाओं में भी भाग लेंगे। सम्मेलन में भारत की भागीदारी संसदीय लोकतंत्र, विधायी सहयोग और अंतर-संसदीय संवाद को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
















