हैदराबाद, 15 सितंबर।
केंद्र सरकार की ओर से 17 सितंबर को आयोजित होने वाले हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को परेड ग्राउंड पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया और इसकी जानकारी दी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी समारोह में शामिल होंगे।
रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद मुक्ति दिवस केवल राजनीतिक आयोजन नहीं है, बल्कि तेलंगाना के चार करोड़ लोगों के स्वाभिमान से जुड़ा विषय है। यह निजाम शासन के खिलाफ संघर्ष के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर भी है।
भारतीय सेना के ऑपरेशन पोलो के बाद 17 सितंबर 1948 को तत्कालीन निजाम के नेतृत्व वाली हैदराबाद रियासत का भारतीय संघ में विलय हुआ था। केंद्र सरकार इस वर्ष लगातार पांचवीं बार हैदराबाद में मुक्ति दिवस समारोह आयोजित कर रही है।
कार्यक्रम में अर्धसैनिक बलों के जवान परेड करेंगे। इसके साथ ही तेलंगाना के करीब एक हजार कलाकार विशेष नृत्य प्रस्तुति देंगे। समारोह को लेकर परेड ग्राउंड में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
इससे पहले किशन रेड्डी ने चारमीनार स्थित मां भाग्यलक्ष्मी मंदिर से सचिवालय परिसर में सरदार पटेल की प्रतिमा तक महिलाओं की स्कूटी रैली को रवाना किया। वह खुद भी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर रैली के मार्ग से गुजरे।
हैदराबाद मुक्ति दिवस को आधिकारिक रूप से नहीं मनाए जाने के मुद्दे पर रेड्डी ने पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति और वर्तमान कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल एआईएमआईएम के दबाव में काम करते हैं। रेड्डी ने कहा कि भाजपा लंबे समय से इस दिन को आधिकारिक रूप से मनाने की मांग करती रही है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार 17 सितंबर को तेलंगाना प्रजा पालन दिनोत्सवम के रूप में मनाती है। इससे पहले बीआरएस सरकार ने 2022 और 2023 में इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया था।
















