वाराणसी, 17 सितंबर।
क्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए इसे सेवा, नेतृत्व और समर्पण की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने नेतृत्व, दूरदृष्टि और परिश्रम से संवैधानिक पदों की जिम्मेदारियां लगातार निभाई हैं।
वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वाराणसी से गुजरात के वडनगर तक जाने वाली ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि एक समय भारत की बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज दुनिया भारत की बात ध्यान से सुनती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों में अपनी सभ्यता और क्षमताओं को लेकर विश्वास बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने 2001 के गुजरात भूकंप का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राज्य के भविष्य को लेकर कई आशंकाएं थीं। उनके अनुसार, नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात ने विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़कर अपनी तस्वीर बदली।
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां दूसरे लोग समस्याओं पर ध्यान देते हैं, वहां प्रधानमंत्री समाधान तलाशते हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में कई क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिले।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन से लेकर ब्रह्मोस मिसाइल तक में चिप की जरूरत होती है। उनके अनुसार, देश में सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में अब महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और ‘मेड इन इंडिया’ चिप का निर्माण शुरू हुआ है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की सार्वजनिक विरासत में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, लोगों को गरीबी से बाहर निकालना, संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना जैसे विषय दर्ज होंगे।
उन्होंने कहा कि एक बड़े नेता की भूमिका लोगों को स्वावलंबी बनाने की होती है और प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसी दिशा में काम किया है।
काशी और वडनगर को जोड़ेगी सेवा संकल्प यात्रा
रक्षा मंत्री ने ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ को केवल दो स्थानों के बीच की यात्रा नहीं, बल्कि भावनाओं को जोड़ने वाला माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि वडनगर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनकी मां हीराबेन का आशीर्वाद मिला था।
उन्होंने बताया कि वाराणसी से ले जाया जा रहा जल गुजरात के वडनगर में बाबा हाटकेश्वर के जलाभिषेक में इस्तेमाल होगा। राजनाथ सिंह ने इसे काशी और गुजरात की आस्था के जुड़ाव का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि यात्रा के पड़ाव भी इसके गंतव्य जितने ही महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार इससे बाबा सोमनाथ और बाबा विश्वनाथ की धरती के बीच भावनात्मक जुड़ाव का संदेश जाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि करीब दो हजार वर्ष पहले सारनाथ से बौद्ध भिक्षुओं ने वडनगर तक यात्रा की थी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, खजुराहो सांसद एवं यात्रा संयोजक विष्णुदत्त शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम से पहले राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ, चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
















