धारवाड़, 17 सितंबर।
कर्नाटक के धारवाड़ तालुक के तहसीलदार सच्चिदानंद कुचनूर को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने के बाद अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, तहसीलदार ने जमीन के दस्तावेज दुरुस्त करने के बदले शिकायतकर्ता से एक एकड़ जमीन और एक करोड़ रुपये नकद देने की मांग की थी। पहली किस्त के तौर पर 50 लाख रुपये मांगे गए थे।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धलिंगप्पा ने बताया कि बुधवार रात सच्चिदानंद कुचनूर को 50 लाख रुपये की पहली किस्त लेते समय पकड़ा गया। यह रकम आरटीसी रिकॉर्ड में संशोधन और जमीन के खराब हिस्से को हटाने से जुड़े काम के लिए मांगी गई थी।
मामला धारवाड़ तालुक के यरिकोप्पा के पास की 33 एकड़ जमीन से जुड़ा है। बागलकोट निवासी विकासकर्ता मंजुनाथ अरलीकट्टी ने यह जमीन खरीदी थी। इसके खराब और कृषि योग्य हिस्से को अलग-अलग चिह्नित करने के लिए सर्वे कराया गया था।
जमीन के रिकॉर्ड में सुधार कर उसे विकसित करने के उद्देश्य से आरटीसी रिकॉर्ड में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इससे पहले एडीएलआर की ओर से जारी पोड़ी आदेश रद्द किया जा चुका था।
इसके बाद खराब और कृषि योग्य जमीन के हिस्से को लेकर एडीएलआर कार्यालय से तहसीलदार को प्रस्ताव भेजा गया था। आरोप है कि इसी काम को पूरा करने के लिए तहसीलदार ने एक एकड़ जमीन और एक करोड़ रुपये नकद की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार रात 50 लाख रुपये की पहली किस्त स्वीकार करते ही टीम ने तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में धारवाड़ लोकायुक्त थाने में अपराध संख्या 007/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में 2018 के संशोधन की धारा 7(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
आरोपित तहसीलदार को लोकायुक्त अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने सच्चिदानंद कुचनूर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
















