भोपाल, 17 सितंबर।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बृहस्पतिवार को ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ का पूरे प्रदेश में भव्य आगाज करने जा रहे हैं। इस बहुप्रतीक्षित राज्य स्तरीय समारोह की मेजबानी इंदौर का गांधी नगर स्थित आई.डी.ए. ग्राउंड कर रहा है, जहां राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई विशिष्ट जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहेंगे।
योजना की रूपरेखा साझा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि इस अनूठी पहल के तहत ग्रामीण इलाकों की आबादी भूमि के पुख्ता अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। अब तक कुल 41,568 गांवों में 68.47 लाख से अधिक अधिकार अभिलेख बनाए जा चुके हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सरकार लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों के इन दस्तावेजों का पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क करेगी, जिसके लिए नागरिकों को किसी भी तरह की स्टाम्प ड्यूटी या रजिस्ट्री शुल्क नहीं चुकाना होगा और इसका पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी।
इस प्रक्रिया के पूरा होने से ग्रामीण अंचल के लोग अपनी संपत्ति को गिरवी रखकर आसानी से बैंक से कर्ज ले सकेंगे, जिससे वे घर बनाने, खेती-किसानी, कारोबार या अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर अपनी आजीविका सुधार सकेंगे। इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए पंचायत स्तर पर तीन अलग-अलग चरणों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे—पहला चरण 17 से 19 सितंबर, दूसरा चरण 24 से 26 सितंबर और तीसरा चरण 1 से 3 अक्टूबर के बीच आयोजित होगा। इसके माध्यम से आवेदनों की प्रक्रिया ‘सारा’ और ‘संपदा’ मोबाइल ऐप्स के जरिए पूरी की जाएगी, और रजिस्ट्री होने के बाद दस्तावेज सीधे हितग्राही के व्हाट्सएप पर भेज दिए जाएंगे।
बता दें कि ग्रामीण नागरिकों की संपत्ति को मजबूत कानूनी हक दिलाने के उद्देश्य से इस तरह के निःशुल्क पंजीकरण का प्रावधान करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलने की उम्मीद है।
















