भोपाल, 24 सितंबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है और यह आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति तथा वैश्विक आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा कि आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारियों और गाइड्स के साथ सिंहस्थ सेवा कार्य 2028 को लेकर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी निभाने वाले मास्टर ट्रेनर्स, सेवादूतों और स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण के लिए भोपाल में अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा।
ट्रेनिंग सेंटर तैयार होने और वहां प्रशिक्षण शुरू होने तक जरूरत के अनुसार सांदीपनि विद्यालय के भवनों और परिसरों का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा भारत स्काउट एवं गाइड का मूल मंत्र है और ‘तैयार रहो’ उसका ध्येय वाक्य है।

डॉ. यादव ने कहा कि स्काउट एंड गाइड ने अपने काम के आधार पर अलग पहचान बनाई है। उन्होंने उज्जैन सिंहस्थ में पिछले 15 वर्षों से अधिक समय के दौरान संगठन की कार्यशैली, क्षमता और समर्पण को करीब से देखने का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ कराना सरकार का लक्ष्य है। सिंहस्थ 2028 सेवा भावना, प्रबंधन क्षमता और सुशासन की व्यापक परीक्षा भी होगा। उन्होंने स्वयंसेवकों से किसी भी चुनौती और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की अपील की।
सिंहस्थ 2028 में 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक सेवा कार्य संभालेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आजादी के बाद आयोजित पांच सिंहस्थों में भारत स्काउट-गाइड ने सेवा के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। इस बार उज्जैन में करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2016 में करीब 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 शिविरों के माध्यम से सेवाएं दी थीं। सिंहस्थ 2028 में 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक 20 से ज्यादा शिविरों के जरिए सेवा कार्य संभालेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। प्रदेश के प्रत्येक जिले से 500 और उज्जैन संभाग के सभी जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूत के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ा है। इस वर्ष यहां 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। उन्होंने भारत स्काउट एंड गाइड से सिंहस्थ में सेवा के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा तकनीक और सोशल मीडिया के दौर में स्वयंसेवकों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश स्काउट एंड गाइड के राज्य कोषाध्यक्ष एवं सिंहस्थ सेवा दल के प्रभारी रमेश शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में स्काउट एंड गाइड को 30 से अधिक शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। इनमें 20 शिविर स्काउट-गाइड के होंगे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं सिंहस्थ के पूर्व आयोजनों में सेवादूत के रूप में काम कर चुके हैं। इसी कारण वे धार्मिक आयोजनों में स्काउट एंड गाइड की भूमिका को बेहतर तरीके से समझते हैं।
संगोष्ठी में भारत स्काउट एंड गाइड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अर्गल, राज्य सचिव डॉ. प्रेम कुमार, स्कूल शिक्षा सचिव संजय गोयल, लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह सहित प्रदेश के सभी संभागों से आए सेवादूत मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी सेवादूतों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया।
















