नई दिल्ली , 17 सितंबर।
विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इस खास मौके पर उन्होंने निर्माण जगत से जुड़े देश के तमाम हुनरमंद कारीगरों और शिल्पकारों का विशेष रूप से अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका असाधारण कौशल तथा कठिन परिश्रम एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक संदेश के जरिए प्रधानमंत्री ने देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा को नमन किया और कहा कि राष्ट्र के नवनिर्माण में जुटे हुनरमंद साथियों के प्रयासों को लगातार प्रोत्साहन दिया जाए, इसके लिए सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा की महिमा को दर्शाने वाला एक पवित्र सुभाषित भी साझा किया—
“अनादिरप्रमेयश्च अरूपश्च जयाजयः। लोकरूपो जगन्नाथः विश्वकर्मन्नमो नमः॥”
इस श्लोक का भावार्थ यह है कि भगवान विश्वकर्मा अनादि, असीम और अप्रमेय हैं। उनका कोई एक निश्चित आकार नहीं है तथा वे जय-पराजय के दायरे से परे हैं। वे समस्त ब्रह्मांड के स्वरूप और संपूर्ण जगत के स्वामी के रूप में विराजमान हैं, ऐसे महान भगवान विश्वकर्मा को बारंबार प्रणाम है।
















