बांदा, 18 सितंबर।
मिशन शक्ति अभियान के तहत चिह्नित दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को अदालत ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला वर्ष 2025 में बबेरू थाना क्षेत्र का है। बगेहटा गांव के पास रहने वाले राजाभइया ने 4 मई 2025 को थाने में अपने दामाद सुरेश पुत्र भगवानदीन निवासी मझीवा सानी, थाना बिसंडा के खिलाफ बेटी की दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 162/2025 दर्ज किया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 85/80(2) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की गई।
मामले की जांच तत्कालीन क्षेत्राधिकारी बबेरू सौरभ सिंह ने की। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 16 जून 2025 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह और उमाशंकर पाल ने मामले में प्रभावी पैरवी की।
मुकदमे की कार्रवाई में कोर्ट मोहर्रिर मुख्य आरक्षी शैलेन्द्र कुमार, महिला आरक्षी मालती कुमारी और पैरोकार आरक्षी चक्रधारी की भी भूमिका रही। इनके प्रयासों के बाद मामले की सुनवाई पूरी हुई।
सत्र न्यायालय बांदा ने आरोपी पति सुरेश को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले की जानकारी लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह ने गुरुवार को दी।
















