कोलकाता, 18 सितंबर।
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। ममता बनर्जी गुट की ओर से मैदान में उतारी गईं तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया। यह फैसला उस समय सामने आया है, जब चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके पारंपरिक ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के लिए अलग नाम और प्रतीक तय किए हैं।
संचिता प्रधान डे शुक्रवार को हल्दिया स्थित उप-विभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचीं और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। इससे पहले उन्होंने राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। दोनों के बीच हुई इस मुलाकात के कुछ समय बाद ही उनके चुनावी दौड़ से हटने की खबर सामने आई।
यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही गुटीय खींचतान के बीच हुआ है। पार्टी के वास्तविक नाम और चुनाव चिह्न को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुटों के बीच विवाद चल रहा है। इसी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए। ममता गुट को ‘ममता सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस’ नाम के साथ फुटबॉल खिलाड़ी का प्रतीक दिया गया, वहीं ऋतब्रत गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और लिफाफे का चुनाव चिह्न मिला।
नंदीग्राम से उम्मीदवार का नामांकन वापस लेना इस पूरे घटनाक्रम की एक और अहम कड़ी बन गया है। संचिता प्रधान डे के अचानक चुनाव मैदान से हटने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
















