नई दिल्ली, 18 सितंबर।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के लिए शुक्रवार को नॉर्थ और साउथ कैंपस के विभिन्न कॉलेजों में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी रहा। मतदान के दौरान फर्जी पैनल पर्चियां बांटने के आरोप को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमाया रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया पर अभाविप के नाम से फर्जी पर्चियां बांटकर मतदाताओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
डूसू के चार केंद्रीय पदों के लिए मुख्य मुकाबला भाजपा समर्थित अभाविप और कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के बीच है। अभाविप ने अध्यक्ष पद पर यश डबास, उपाध्यक्ष पद पर इशू मौर्य, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह को प्रत्याशी बनाया है। एनएसयूआई की ओर से अध्यक्ष पद पर विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष पद पर वीर छत्रथ, सचिव पद पर नम्रता चौधरी और सह-सचिव पद पर गोपाल चौधरी चुनाव मैदान में हैं।
मतदान के बीच अभाविप के अध्यक्ष पद प्रत्याशी यश डबास ने चारों पदों पर जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि छात्र परिषद की प्राथमिकता सभी कॉलेजों, हॉस्टलों और निजी पीजी का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करना होगी। उन्होंने सत्य निकेतन हादसे का उल्लेख करते हुए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही।
निवर्तमान डूसू अध्यक्ष आर्यन मान ने 2300 बेड वाले महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट, विश्वविद्यालय क्षेत्र में किराया नियंत्रण अधिनियम लागू करने और एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने विवेकानंद कॉलेज पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और राष्ट्रवादी सोच के आधार पर अभाविप की जीत का भरोसा जताया।
मतदान के दौरान कैंपस लॉ सेंटर, दयाल सिंह कॉलेज और किरोड़ीमल कॉलेज समेत कई केंद्रों पर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें मिलीं। अभाविप ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई समर्थित बाहरी लोगों ने उसके नाम से फर्जी पैनल पर्चियां छपवाकर छात्रों में बांटीं। कैंपस लॉ सेंटर से एक छात्र को ऐसी पर्चियां बांटने के आरोप में पकड़कर पुलिस को सौंपे जाने की बात सामने आई।
कैंपस में छात्रों के बीच पेयजल की कमी, कक्षाओं में खराब फर्नीचर, खराब माइक और ब्लैकबोर्ड की कमी को लेकर असंतोष भी देखने को मिला। समाजवादी विचारधारा से जुड़े छात्रों ने प्रोफेसरों की भर्ती और पीएचडी दाखिलों में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अभाविप और एनएसयूआई के सत्ता में रहने के बावजूद बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। चुनाव की मतगणना शनिवार को होगी और इसके बाद आधिकारिक परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस बार चुनाव में महिला सुरक्षा, हॉस्टल और पीजी आवासों का सुरक्षा ऑडिट, जर्जर बुनियादी ढांचा और शैक्षणिक नियुक्तियों में पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे रहे।
















