पटना, 19 सितंबर।
जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता शंभू नाथ सिन्हा ने पार्टी के विधानमंडल दल के सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में किसी राजनीतिक दल की ओर से विशेषज्ञों के माध्यम से इस तरह का प्रबोधन कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विधानमंडल सदस्यों को पार्टी की भावी रणनीति की जानकारी दी। इस दौरान दिल्ली से आए पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च के विशेषज्ञों ने विधायी कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सदस्यों को जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने विधायी जिम्मेदारियों और समितियों, कानून बनाने की प्रक्रिया, भारत में हाल के विधायी घटनाक्रम, राज्य के बजट तथा बिहार की अर्थव्यवस्था और राज्य के वित्त जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों की जिम्मेदारी केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सदन के भीतर उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर प्रशिक्षण और रणनीति के माध्यम से विधानमंडल के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकते हैं। कार्यक्रम में बिहार में हो रहे विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने राज्य की विकास गति और हाल के वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख किया।
शंभू नाथ सिन्हा ने कहा कि जदयू राज्य हित और जनकल्याण को प्राथमिकता देता है। उनके अनुसार प्रबोधन कार्यक्रम का उद्देश्य पार्टी के विधायकों और विधान पार्षदों को राज्य हित एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों पर अधिक जिम्मेदार भूमिका के लिए तैयार करना है।
उन्होंने अपने बयान में वर्ष 1990 से 2005 के बीच रहे राष्ट्रीय जनता दल के शासन को लेकर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि उस अवधि में लोगों के प्रति जिम्मेदारी तथा जनकल्याण को प्राथमिकता नहीं दी गई।
















