गुवाहाटी, 19 सितंबर।
असम में तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने निवेशकों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों का आह्वान किया है। उन्होंने जागीरोड में स्थापित हो रही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग इकाई को राज्य में इस क्षेत्र के विस्तार की महत्वपूर्ण परियोजना बताया। संयंत्र का उद्घाटन इस वर्ष दिसंबर में प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान उद्योगपतियों और अन्य हितधारकों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार टाटा की परियोजना को सफल बनाने के लिए अनुकूल नीतियों, संस्थागत सहयोग और निवेशकों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था तैयार कर रही है।
हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि असम में सेमीकंडक्टर का दायरा अब चिप डिजाइन और असेंबली तक सीमित नहीं है। इसमें सेमीकंडक्टर निर्माण, उन्नत पैकेजिंग, उपकरण और सामग्री, अनुसंधान तथा कुशल मानव संसाधन तैयार करने जैसे क्षेत्र भी तेजी से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जागीरोड में टाटा की ओएसएटी इकाई शुरू होने के बाद प्रतिदिन 4.8 करोड़ चिप बनाने की क्षमता विकसित होगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 27 हजार रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने असम की भौगोलिक स्थिति को भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार दक्षिण-पूर्व एशिया और आसियान देशों के बाजारों के प्रवेश द्वार के रूप में असम सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आवश्यक पारिस्थितिकी तंत्र और निवेश उपलब्ध होने पर असम चिप डिजाइन से लेकर निर्माण, पैकेजिंग और परीक्षण तक सेमीकंडक्टर उद्योग की पूरी श्रृंखला विकसित कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सेमीकंडक्टर मिशन नए चरण में पहुंच रहा है। उन्होंने सेमीकॉन इंडिया 2026 को भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के भविष्य को प्रदर्शित करने वाला मंच बताया और कहा कि इसमें असम भी अपनी भागीदारी दर्ज करा रहा है।
तीन दिवसीय सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को किया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने सेमी और उद्योग संगठनों के सहयोग से इसका आयोजन किया है। कार्यक्रम में 20 से अधिक देशों की 500 से ज्यादा कंपनियां भाग ले रही हैं। इसके अलावा 10 राज्य और सात देश पवेलियन भी बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार यह वैश्विक मंच असम को प्रमुख कंपनियों और निवेशकों से जुड़ने तथा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के उभरते गंतव्य के रूप में अपनी क्षमता सामने रखने का अवसर दे रहा है।
















