नई दिल्ली, 19 सितंबर।
भारतीय रेलवे ने रेल ढांचे को मजबूत करने और ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 275 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें दक्षिण तट रेलवे और पश्चिम रेलवे से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। दोनों कार्य पूरे होने के बाद संबंधित रेलखंडों में परिचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
दक्षिण तट रेलवे के सवालयापुरम-गुंटूर रेलखंड में विद्युत ट्रैक्शन व्यवस्था को 1x25 केवी से बढ़ाकर 2x25 केवी करने के लिए 142 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह काम 73 रूट किलोमीटर और 146 ट्रैक किलोमीटर के दायरे में किया जाएगा। यह रेलखंड एचयूएन रूट-8 का हिस्सा है, जो वास्को-गडग-गुंतकल-नंद्याल-सवालयापुरम-गुंटूर-विजयवाड़ा मार्ग को जोड़ता है।
रेल मंत्रालय के मुताबिक ट्रैक्शन प्रणाली को उन्नत किए जाने से बिजली आपूर्ति की क्षमता और भरोसेमंदता बढ़ेगी। इससे इस मार्ग पर लगातार बढ़ रहे रेल यातायात को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी और परिचालन व्यवस्था मजबूत होगी।
दूसरी परियोजना पश्चिम रेलवे के उधना-उकाई सोनगढ़ खंड में लेवल क्रॉसिंग संख्या 53 की जगह चार लेन वाले रोड ओवर ब्रिज के निर्माण से संबंधित है। इसके लिए 133.2295 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना को रेलवे और राज्य सरकार की लागत साझेदारी के आधार पर पूरा किया जाएगा। इसमें रेलवे का हिस्सा 66.6147 करोड़ रुपये और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 66.6148 करोड़ रुपये होगी।
प्रस्तावित आरओबी में रेलवे ब्रिज के लिए ओपन वेब गर्डर संरचना बनाई जाएगी। इसकी अनुमानित लागत 91.60 करोड़ रुपये रखी गई है। वायाडक्ट की लंबाई 311.58 मीटर और रेलवे अप्रोच की लंबाई 524.32 मीटर होगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार संबंधित लेवल क्रॉसिंग पर 62 प्रतिशत स्क्यू होने के कारण पुल के डिजाइन और निर्माण में तकनीकी चुनौतियां हैं। आरओबी बनने से सड़क यातायात को सुगमता मिलेगी और रेलवे संचालन में बाधाएं कम होंगी। इससे रेल सेवाओं की सुरक्षा और परिचालन दक्षता में भी सुधार होने की उम्मीद है।















