कोटा, 19 सितंबर।
रामपुरा स्थित नगर सेठ गणपति पंडाल में शनिवार देर रात हुए विवाद के बाद रविवार को व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर विरोध जताया। आरोप है कि पंडाल में एक व्यक्ति ने तलवार और पिस्टल दिखाकर लोगों में भय पैदा किया। घटना के विरोध में व्यापारियों और गणपति सेवा समिति के पदाधिकारियों ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोपित का जुलूस निकालने की मांग भी उठाई।
गणपति सेवा समिति के अनुसार सम्राट पाटोन नाम का व्यक्ति परिवार के साथ गणपति पंडाल में आया था। समिति का आरोप है कि वह नशे की हालत में था और कई बार मंच पर गया। रात करीब डेढ़ बजे वह फिर पंडाल में पहुंचा। आरोप है कि उस समय उसके हाथ में तलवार और पिस्टल थी। उसने तलवार लहराई और पिस्टल दिखाकर धमकी दी, जिसके बाद पंडाल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
समिति अध्यक्ष विशाल साहू ने आरोप लगाया कि व्यक्ति ने नगर सेठ को पहनाए गए आभूषण और करीब 50 हजार रुपये नकद ले जाने का प्रयास भी किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस से आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उन्हें समझाया। समिति ने जान से मारने की धमकी और लूट के प्रयास से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। समिति का कहना है कि पुलिस ने फिलहाल सामान्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है, इससे व्यापारियों में नाराजगी है।
कार्रवाई तक धरना, नगर सेठ की आरती भी नहीं होगी
होलसेल व्यापार महासंघ हाड़ौती संभाग के अध्यक्ष पंकज बागड़ी के नेतृत्व में व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर विरोध किया। व्यापारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजन में हुई इस घटना से लोगों में डर का माहौल बना है। उनका कहना है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
गणपति सेवा समिति ने कहा है कि मांगों पर कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा। समिति ने नगर सेठ की आरती नहीं करने का भी फैसला लिया है। पुलिस के सामने अब पूरे मामले की जांच कर आरोपों की वास्तविकता सामने लाने की चुनौती है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तलवार और पिस्टल दिखाने तथा आभूषण और नकदी ले जाने के प्रयास से जुड़े आरोपों की जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
















