सारण, 19 सितंबर।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंचम रवि शंकर की अदालत ने मढ़ौरा थाना में दर्ज हत्या के मामले में परवेज आलम को आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों का परीक्षण करने के बाद उन्हें निर्दोष माना। परवेज आलम 20 अगस्त 2021 से छपरा मंडल कारा में बंद थे।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मामले की कानूनी पैरवी जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण के लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम को सौंपी गई थी। मुख्य डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता पूर्णेन्दु रंजन ने अदालत में बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य और कानूनी तर्क प्रस्तुत किए।
अभियोजन की ओर से मामले में कुल दस गवाह पेश किए गए थे। हालांकि, बचाव पक्ष की ओर से रखे गए तर्कों के सामने आरोप साबित नहीं हो सके। अदालत ने केस से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड का विस्तृत अध्ययन करने के बाद परवेज आलम को आरोपों से मुक्त कर दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उपलब्ध कराई गई कानूनी सहायता के माध्यम से करीब पांच वर्ष से जेल में बंद परवेज आलम को मामले में राहत मिली। इस कानूनी सहायता की सफलता पर मुख्य लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल अरमान अशरफी तथा कर्मियों सूरज पाण्डेय, अजीत कुमार शर्मा और अक्षय कुमार सिंह के योगदान की सराहना की।
















