नई दिल्ली, 21 सितंबर।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से एक प्रेरक सुभाषित साझा करते हुए जीवन में 'क्षमा' के महत्व को रेखांकित किया और इसे मानसिक सुकून का सबसे बेहतरीन जरिया बताया।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए इस संस्कृत श्लोक— "एको धर्मः परं श्रेयः क्षमैका शान्तिरुत्तमा। विद्यैका परमा तृप्तिरहिंसैका सुखावहा॥"— के गहरे अर्थ को समझाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य के कल्याण का मार्ग केवल धर्म दिखाता है, जबकि क्षमा का भाव चित्त को परम शांति देता है। इसके अतिरिक्त, ज्ञान को सच्ची संतुष्टि का आधार और अहिंसा को शाश्वत सुख का मार्ग बताया गया है, जिन्हें अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन को उत्कृष्ट और आनंदमयी बना सकता है।
















