नई दिल्ली, 21 सितंबर।
देशभर में लगातार आसमान छूती महंगाई और जरूरी उपभोग्य वस्तुओं के बढ़ते दामों को लेकर विपक्षी खेमे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि आम आदमी के रोजाना इस्तेमाल होने वाले खाद्य उत्पादों के भाव बेकाबू हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह मौन साधे बैठी है। उन्होंने खास तौर पर दालों, मसालों, खाद्य तेलों और रसोई के अहम हिस्से माने जाने वाले प्याज की कीमतों में आई भारी उछाल का हवाला देते हुए मध्यम और गरीब तबके के परिवारों के सामने खड़ी गंभीर आर्थिक चुनौतियों का जिक्र किया है।
अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए आंकड़े साझा करते हुए रमेश ने दावा किया कि पिछले एक महीने के भीतर ही विभिन्न प्रकार के मसालों के दाम 10 से 25 प्रतिशत तक उछल गए हैं। उनके अनुसार, छोटी इलायची के भाव 4,000 रुपये से बढ़कर 4,400 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं, जबकि बड़ी इलायची के दाम 2,400 रुपये से बढ़कर 2,800 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। इसके अलावा जीरा 360 रुपये से बढ़कर 400 रुपये और जावित्री 2,500 रुपये से उछलकर 3,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रही है।
दालों और तेलों के बढ़ते दामों पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि अरहर दाल 100 रुपये से बढ़कर 130 रुपये, चना दाल 70 से 100 रुपये और उड़द दाल 120 रुपये से महंगी होकर 140 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। इसी तरह खाद्य तेलों में भी भारी तेजी देखी जा रही है, जिसमें सरसों का तेल 190 रुपये से बढ़कर 210 रुपये और सफोला तेल 240 रुपये से बढ़कर 280 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है।
प्याज की कीमतों के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जून से सितंबर के दौरान अखिल भारतीय स्तर पर प्याज की औसत खुदरा कीमत 29.50 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर सीधे 53.78 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है, जो करीब 82 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी को दर्शाती है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह इस अनियंत्रित महंगाई पर लगाम कसने के लिए तत्काल और कड़े कदम उठाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
















