नई दिल्ली, 22 सितंबर।
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से जुड़े मतदाता सूची के मामले को लेकर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि वर्ष 1980 में भारतीय नागरिकता हासिल करने से पहले ही सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल था और उन्होंने आम चुनाव में मतदान किया था।
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक प्रदीप भंडारी ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत मतदान का अधिकार भारतीय नागरिकों को ही है।
भंडारी ने सवाल किया कि वर्ष 1980 में सोनिया गांधी के भारतीय नागरिक नहीं होने के बावजूद उनका नाम मतदाता सूची में कैसे दर्ज हुआ और उन्हें मतदान की अनुमति किस आधार पर मिली। उन्होंने इस मामले में दस्तावेजों की कथित जालसाजी की संभावना की जांच की मांग भी उठाई।
उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर वर्ष 1980 में अदालत में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने और उन्हें मतदान की अनुमति मिलने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे।
भाजपा नेता के अनुसार, दिल्ली की अदालत ने मजिस्ट्रेट अदालत को यह जांचने का निर्देश दिया है कि मामले में कोई संज्ञेय अपराध बनता है या नहीं। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह भी माना कि पहले मामले को खारिज करते समय मजिस्ट्रेट अदालत ने इस पहलू पर पर्याप्त विचार नहीं किया था।
भंडारी ने कहा कि अदालत की टिप्पणियों के बाद मामले की जांच जरूरी हो गई है। उन्होंने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि सोनिया गांधी से जुड़े मतदाता सूची मामले में उठे सवालों का भी जवाब सामने आना चाहिए।
















